What is digital marketing in hindi? Business में digital marketing के क्या फ़ायदा हो सकते है?

कैसा होगा अगर आप चाहे, कि जो कोई भी इंटरनेट यूज कर रहा है। उसको आपके बिजनेस के बारे में पता चले। Digital Marketing या वेब मार्केटिंग या ऑनलाइन मार्केटिंग आप इनमे से कुछ भी कह सकते हैं। यह इंटरनेट का एक ऐसा ब्रह्मास्त्र है। जिसे ग्राहक बुलाने। ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनो प्रकार के बिजनेसमैन इस्तेमाल करते है।

इसे इस्तेमाल करके करके आप अपना व्यवसाय बहुत हद तक फैला सकता है। फिर वह हद चाहे आपके शहर की हो या पूरे दुनिया की, और अगर अंतरिक्ष में भी कोई इंटरनेट चला रहा होता, तो उस तक भी।

Digital Marketing Kya Hai In Hindi

Digital Marketing में इंटरनेट और इंटरनेट यूज करने वाली डिवाइस का इस्तेमाल करके, मार्केटिंग करना होता है। डिजिटल मार्केटिंग ग्राहकों के लिए एक्सचेंजों को सुविधाजनक बनाने और अनुरोधों को पूरा करने की प्रक्रिया है। इसमें नेटवर्क से जुड़े उत्पादों और सेवाओं की अवधारणा, वितरण, विज्ञापन और मूल्य निर्धारण को तैयार करने और निष्पादित करना होता है।

आसान भाषा में, Digital Marketing एक समुद्र है जिसके अंदर इंटरनेट से जुड़ी हर प्रकार की मार्केटिंग आ जाती है। नेट यूज करने वाली डिवाइस जैसे कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और टैबलेट। 

उदाहरण के तौर पर, यह समझ कि आप बर्तन बेचने वाले बिजनेसमैन है और आपको बर्तन खरीदने वाले ग्राहक चाहिए। तो आप इंटरनेट प्लेटफार्म जैसे फेसबुक और गूगल को पैसे देकर विज्ञापन करेंगे। गूगल और फेसबुक उन्हीं लोगों को आपका विज्ञापन दिखाएगा जो भी बर्तनों के बारे में जानने के इच्छुक होंगे या खरीदना चाहते हैं।

ऐसा होने से उन ग्राहकों को बर्तन बेच पाएंगे जो वाकई उसे खरीदना चाहते हैं।

 है ना यह लाजवाब?

Digital Marketing कैसे शुरू हुआ 

लोग कहते हैं इतिहास दोहराएगा । इसलिए इतिहास जानना बेहद जरूरी है। क्योंकि वह आने वाले वक्त में फिर से दोहराएगा। 

1990 में पहली बार Digital Marketing का नाम सामने आया। उनके साथ जब 2000 में इंटरनेट, गूगल, फेसबुक, ऐपल इत्यादी कंपनियों का विकास होने के बाद से में थोड़ा इज़ाफ़ा हुआ। वहीं 2010 के बाद ये सारी कंपनिया इंटरनेट पर निर्भर हो चली। इन्होंने इसको ही अपना बिज़नस बनाया। 

भारत में Digital Marketing का चलान इंटरनेट सस्ता होने से बहुत ज़्यादा बढ़ गया है। 

ये जानकर हैरानी होगी कि 2010 में सालाना 4.5 लाख करोड़ ऑनलाइन विज्ञापन हुए थे। अनुमानित 48% की दर से सालाना इसमें विकास हो रहा है। आने वाले समय में इसमें भूत इज़ाफ़ा होगा।

Digital Marketing के 8 प्रकार

सामान्य तौर पर Digital Marketing के सात प्रकार होते हैं। मार्केटिंग करने के लिए इन सातों में से किसी एक को भी चुना जा सकता है और सातों को भी। यह निर्भर करता है कि हमारे ग्राहक कहां पर मिलेंगे।

ई-मेल मार्केटिंग (e-mail marketing)

This image has an empty alt attribute; its file name is email-marketing.png

1970 में ई-मेल का विकास हो गया था। उसके साथ 1990 से ही ईमेल मार्केटिंग चालू हो गई थी। हालांकि ईमेल मार्केटिंग बहुत पुराना ज़रिया है। परंतु ईमेल मार्केटिंग को सबसे अच्छा, फायदेमंद और बेहतरीन मार्केटिंग का जरिया माना जाता है

 उदाहरण के लिए, ईमेल मार्केटिंग में ग्राहकों का ई-मेल वेबसाइट, सर्वे, या अन्य माध्यम से जमा करते हैं। इसके बाद उन्हें ई-मेल के जरिए अपने प्रोडक्ट के बारे में बताते हैं।

 पे-पर-क्लिक (pay per click)

PAY-PER-CLICK-MARKETING
PPC मार्केटिंग

अभी आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं। वहां पर आपने अलग-अलग खंडों में विज्ञापन  देखी होगी। यह है पर पे पर क्लिक कर दिखाई जाती है। इसके लिए आपको एक कीवर्ड विज्ञापन  चलाने वाले को बताना होगा।और वह अपने आप अन्य वेबसाइट और गूगल सर्च पर आपका विज्ञापन  दिखाएगा। जितनी बार भी कोई उस विज्ञापन के माध्यम से आपके पास आएगा। उतनी बार आपको पेमेंट करना होगा।

 उदाहरण के लिए, गूगल विज्ञापन सेंस अन्य वेबसाइट और सर्च पर विभिन्न विज्ञापन दिखाता है। एड पर क्लिक करने के पश्चात विज्ञापन लगवाने वाले, गूगल को पेमेंट करते हैं। जिसका कुछ हिस्सा दिखाने वाली वेबसाइट को जाता है और कुछ गूगल को।

 सोशल मीडिया (social media marketing or SEM) 

social media marketing

क्या आप यह जानते हैं कि दुनिया भर में 5.11 बिलियन लोगों में से 3.26 बिलियन लोग व्हाट्सएप, फेसबुक इत्यादि सोशल मीडिया अकाउंट यूज करते हैं। एक सर्वे के अनुसार एक व्यक्ति करीब 2 घंटे 22 मिनट सोशल मीडिया चलाता है।

अपने बिजनेस की मार्केटिंग के लिए इन प्लेटफार्म पर आप अपना पेज बना कर या विज्ञापन चलाकर। उस प्लेटफार्म की ऑडियंस को टारगेट कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, फेसबुक पर प्रचार करने, लोगों तक अपना विज्ञापन पहुंचाने के लिए। आपको विज्ञापन की श्रेणी, विज्ञापन देखने का तरीका, किस जगह के लोगों और किस प्रकार के लोगों को विज्ञापन फेसबुक में सेट करना पड़ेगा। इससे कई ज्यादा विकल्प आपको विज्ञापन बनाते टाइम दिख जाएँगे।

मार्केटिंग की दम पर गाँव की 300 महिलाओं ने 7.5 का बिज़्नेस बनाया

 इनफ्लुएंसर मार्केटिंग (influencer marketing)

influencer-marketing

सोशल मीडिया पर इनफ्लुएंसर उन लोगों को कहा जाता है। जो अपने कॉन्टेंट की वजह से सोशल मीडिया में बदलाव ला सकते हैं।

 इनफ्लुएंसर मार्केटिंग बहुत सारे प्लेटफार्म में होती है। जिसमें आपको सीधे इनफ्लुएंसर से कांटेक्ट करना पड़ता है। इसमें फेसबुक, टि्वटर, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य शामिल है।

उदाहरण के लिए, आप यूट्यूबर से बांड भरवाते बातें हैं। जिसमें यूट्यूब पर अपने वीडियो के बीच में 20 से 30 सेकंड में आपका प्रचार करेगा। उस यूट्यूब पर के वीडियो के माध्यम से आप उस श्रेणी का वीडियो देखने वाले लोगों तक अपने बिजनेस का प्रचार कर सकते हैं।

कांटेंट मार्केटिंग (content marketing)

Content Marketing

कांटेंट मार्केटिंग एक घुमावदार तरीके की डिजिटल मार्केटिंग होती है। इसमें आप खुद ही कांटेंट बनाते हैं और लोगों की मदद करते हैं। काफी कंपनियां खुद ब्लॉग लिखने लगी है। जिससे लोगों को जानकारी तो मिलती ही है। साथी उस कंपनी के बारे में भी पता चलता है।

कंपनिया खुद क्यों कांटेंट बनाती है?

क्योंकि आप खुद वह बिजनेस करते हैं जिसका कांटेंट बनाया गया है। इसलिए इसके जरिए लोगों को आप के कांटेंट पर भरोसा भी होता है।

 उदाहरण के लिए, गूगल अपने एसेसरी और पिक्सेल मोबाइल बेचने के लिए खुद ही ब्लॉग लिख रहा है। ऐसा करने से सटीक जानकारी और जानकारी की निर्भरता पूरी तरह से गूगल पर ही होगी। जिससे ग्राहक सीधा गूगल ब्लॉग पर आएगा।  और वह यहां से जानकारी प्राप्त करके सामान खरीदेगा।

 सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (search engine optimization or SEO)

search-engine-optimization-marketing
SEO marketing

गूगल पर सर्च करने पर जो भी जो भी website 1 नम्बर पर दिखती है। वह सर्च एंजिन ऑप्टिमाइजेशन की वजह से आती है।

इस प्रकार की मार्केटिंग मे अपनी वेब्सायट को गूगल पर रैंक करवाते है। इसके के ज़रिए लोग आपकी वेब्सायट पर आएँगे और आपका प्रोडक्ट के बारे में जान पाएँगे। इसमें फ़ोटो, ब्लॉग, या वेब्सायट के माध्यम से डिजिटल मार्केटिंग की जाती है।

उदाहरण के लिए, अगर मेरा कोई बैंक है। (होता तो ये नहीं बता रहा होता) और किसी ने लोन लेने सर्च किया। मेरे बैंक की वेब्सायट सबसे ऊपर आइ और ग्राहक ने उस पर क्लिक किया। अब वह ग्राहक ना केवल जानकारी प्राप्त करेंगें, बल्कि मेरे बैंक से लोन भी लेगा।

 एफिलिएट मार्केटिंग (affiliate marketing)

एफिलिएट का मतलब ‘दलाल’ से समझिए। यह अफ़िलीयट इंटर्नेट पर कोई ब हो सकता है। इनके ज़ारिए आपके प्रोडक्ट का प्रचार होगा। यें एफिलिएट मार्केटर लिंक, फ़ोटो, या विडीओ के ज़रिए आपके प्रचार करेंगे।जिस वजह से ग्राहक को आपके प्रोडक्ट बारे में पता चलेगा।

 मोबाइल मार्केटिंग (mobile marketing)

यह यूज़र के मोबाइल के ज़रिए मार्केटिंग। यह विज्ञापन का एक ज़रिया है। 

एक ऐप या वेब्सायट के ज़रिए यूज़र की बहुत सारी जानकारी मिलती है। यूज़र को समान बेचने इस जानकारी का इस्तेमाल किया जाता है। 

जानकरी को इक्खट्टा करके, ये पता लगाया जाएगा की यूज़र को किस चीज़ को ज़रूरत है। इसके हिसाब से यूज़र को विज्ञापन  दिखाकर समान बेच जाएगा। 

उदाहरण के लिए,अगर आप मोबाइल के बारे में गूगल पर सर्च करते हैं। तो गूगल इस जानकारी को सेव करके आपको हर वेबसाइट पर मोबाइल खरीदने का विज्ञापन दिखाएगा। 

Digital marketing ke fayde

दुनिया भर में 7 अरब लोग हैं जिनमें से करीब 60% लोग ही इंटरनेट इस्तेमाल कर रहे हैं। आने वाले समय में यह 90% पहुंचेगा। एक वक्त बाद 100%। इसका फ़ायदा कंपनियाँ डिजिटल मार्केटिंग का इस्तेमाल करने में करती है। 

Digital Marketing के फ़ायदे – 

  1. Digital Marketing किफ़ायती है।
  2. सीधे ग्राहक के मोबाइल से सम्पर्क 
  3. ब्रांड का विकास होने में मददगार 
  4. टूल्स के ज़रिए ग्राहक पर गहरी नज़र होती है।
  5. ग्राहक की निजी जानकारी के मुताबिक़ मार्केटिंग 
  6. सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके ज़्यादा से ज़्यादा ग्राहकों तक पहुँचा जा सकता है।
  7. विश्वस्तर ग्राहकों से सम्पर्क 
  8. आसानी से जानकारी पहुँचाई जा सकती है।
  9. लागत के मुक़ाबले ज़्यादा फ़ायदा
  10. लाइव परिणाम देख सकते हैं।

Digital marketing kaise karein?

पैसा अड्डा सुझाव : डिजिटल मार्केटिंग शुरू करने से पहले उसका कोर्स जरूर लें। ऐसी बहुत छोटी-छोटी जानकारियां है जो आपको यूट्यूब वीडियो या किसी व्यक्ति के माध्यम से पता नहीं चलेंगी।

 डिजिटल मार्केटिंग करने के लिए आपको कंप्यूटर और इंटरनेट का ज्ञान होना अत्यधिक जरूरी है। इसके लिए यूट्यूब से भी थोड़ा-थोड़ा समझते रहे। परंतु डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स जरूर करें।

मार्केटिंग का विषय

डिजिटल मार्केटिंग शुरू करने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि आप को किस प्रकार की मार्केटिंग करनी है। अगर आपको सामान भेजना है तो आप इनफ्लुएंसर या कांटेंट मार्केटिंग चुन सकते हैं। वही आपको अगर अपना ब्रांड वैल्यू बढ़ानी है तो आपको सोशल मीडिया मार्केटिंग इस्तेमाल करनी पड़ेगी।

वहीं लोगों को सर्विस देने के लिए सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन मार्केटिंग करनी होगी। इस प्रकार अलग-अलग बिजनेस के लिए अलग मार्केटिंग करनी पड़ती है। 

दर्शक पहचानना  

अलग-अलग डिजिटल चैनल के लिए ऑडियंस है। जैसे यूट्यूब पर एंटरटेनमेंट के दर्शक ज्यादा है। वही फेसबुक पर 20 से 60 उम्र के लोग है। ठीक इसी प्रकार इंस्टाग्राम पर जवान लोगों की संख्या अधिक है।यह पहचानना बेहद जरूरी है की आपको को किस प्रकार के दर्शकों को लक्षित करना है ।

जैसे अगर किचन एसेसरी का बिजनेस करते हैं। तो यूट्यूब और फेसबुक पर रेसिपी चैनल को स्पॉन्सर कर सकते हैं। वही SEO मार्केटिंग करके ब्लॉगर के साथ एफिलिएट मार्केटिंग कर सकते हैं। 

बजट

सोशल मीडिया के जरिए फ्री मार्केटिंग की जा सकती है। जिसके लिए वायरल कांटेंट  बनाने की जरूरत होती है। साथ ही वह लोगों  की पसंद के हिसाब से होना चाहिए।

पेड मार्केटिंग करने से पहले इसका बजट बनाकर रखें। पेड मार्केटिंग के अंदर ईमेल मार्केटिंग, सोशल मीडिया  ऐड, गूगल ऐड, इत्यादि सभी प्रकार की आ जाती है। इसमें खर्च ₹500 से लाखों रुपए तक हो सकता है।

फ्री डिजिटल मार्केटिंग के अंदर ट्विटर पर ट्वीट करने से लेकर फ्री ब्लॉगिंग तक कुछ भी किया जा सकता है। वहीं पेड मार्केटिंग के जरिए वक्त की बचत के साथ दर्शकों से सीधे जुड़ सकते हैं। जोमैटो, टेस्ला और दिग्गज कंपनियां दोनों को ही साथ में लेकर चलती है। इससे होने का हक के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त होती है।

रणनीतियाँ 

बात हो युद्ध जीतने की या बिज़्नेस को सफल बनाने की। रणनीती हर जगह ही चाहिए होती है। जैसे किस प्रकार से दर्शकों को लुभाना है, कितना बजट होगा, विफल होने पर सुधार, कितने स्टेप्स में मार्केटिंग करनी है, जाँच-पड़ताल का प्रकार, अन्य।

भेड़चाल से हटकर अपनी रणनीती खुद तैयार करें। अलग तरीक़े की मार्केटिंग ही लोगों को लुभाती है। जैसे 50 रुपय के कैड्बरी सेलब्रेशन के अंदर 45रुपय की ही चोक्लेट रहती है। सिर्फ़ ऊपरी दिखावट और ऐड्ज़ की वजह से त्योहारों पर इसकी माँग बढ़ जाती है।

आकर्षक सामग्री

जो दिखता है, वही बिकता है। यह वाक्य 90% कम्पनियों के सामान पर लागू लगता दिखेगा। डिजिटल मार्केटिंग के अंदर कांटेंट आकर्षक होना ही चाहिए। जब वह आकर्षक होगा तभी ग्राहक का पहला कदम आपकी ओर बढ़ेगा। ऐसा होने से ब्रांड की जागरूकता भी बढ़ेगी।

आकर्षक सामग्री के अंदर सभी कुछ आ जाता है। जैसे विडीओ कांटेंट, फ़ेस्बुक पोस्ट, पिंट्रेस्ट फ़ोटोज़, ऐड्ज़, आदि सभी कुछ। 

कीवर्ड रीसर्च

ऐड्ज़ के ज़रिए सही ग्राहक से जुड़ने का एक मात्रा तरीक़ा है। ग्राहक द्वारा टाइप किया हुआ कीवर्ड जानना। एक उत्तम कीवर्ड आपकी ग्राहक संख्या कई गुना बढ़ा सकता है। 

SEO करने के लिए कीवर्ड रीसर्च पर बहुत मेहनत करते है। इसके लिए फ़्री और पेड दोनो प्रकार के कीवर्ड रीसर्च टूल्स इंटर्नेट पर उपलब्ध है। जैसे गूगल कीवर्ड रीसर्च टूल, ऊबर सजेस्ट और SEMरश के जैसे अनेक टूल्स मिल जाएँगे।

Analysis और सुधार 

अगर परीक्षा के बाद ग़लतियों का अनालिसिस नहीं करते। तो वे ग़लतियाँ दोबारा होंगी। 

पब्लिश होने के बाद, ग्राहकों की अनालिसिस रिपोर्ट पर काम करना उतना ही ज़रूरी है जितनी समान बेचने की शुरुआत।

अनालिसिस रिपोर्ट के आधार पर अपनी मार्केटिंग रणनीती में बदलाव करते रहें।

Digital marketing ki zaroorat 

मॉडर्न मार्केटिंग में ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केटिंग, एक वाहन के दो पहियों जैसा हो गया है। ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिए ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचा जा सकता है। वही ऑफलाइन मार्केटिंग के जरिए ग्राहक से आमने-सामने मार्केटिंग कर, उसका अनुभव ले सकते हैं। सीधे ग्राहक से बातचीत, हाव भाव, पसंद ना पसंद, इत्यादि पता चलता है। ऑनलाइन व ऑफलाइन मार्केटिंग के अपने-अपने फायदे हैं।

वे कारण जिसके लिए डिजिटल मार्केटिंग करनी चाहिए

  1. डिजिटल मार्केटिंग अन्य मार्केटिंग की तुलना में सस्ती पड़ती है।
  2. ग्राहक की गतिविधियों पर अच्छे से नजर रख पाते हैं। जिससे ग्राहक के अनुकूल सर्विस दे पाए।
  3.  डिजिटल मार्केटिंग में विभिन्न प्रकार के मीडिया के जरिए मार्केटिंग के रास्ते बनते हैं। जैसे वीडियो कांटेंट, ब्लॉग, वेबसाइट, पॉडकास्ट, फोटो, इत्यादि।
  4.  मोबाइल मार्केटिंग – ऑनलाइन शॉपिंग पर निर्भर रहने वाले लोगों को Digital Marketing के जरिए ही टारगेट किया जाता है।
  5. अपने बिजनेस को एक ब्रांड वैल्यू बधाई जा सकती है।
  6.  ग्राहक की व्यक्तिगत जानकारी इस्तेमाल करके ग्राहक के हिसाब से मार्केटिंग की जा सकती है।
  7. ग्राहक की पसंद-नापसंद हर प्रकार की जानकारी आसानी से हासिल हो जाती है।
  8. ऑनलाइन ग्राहकों को निमंत्रण भेज उन्हें अपने बिजनेस की तरफ आकर्षित कर सकते हैं।
  9. बिजनेस को विश्व स्तरीय बनाया जा सकता है। 

Digital Marketing Course 

आपका बिजनेस छोटा हो या बड़ा। इससे फर्क नहीं पड़ता। अभी का और आने वाला वक्त इंटरनेट का है। इसलिए अपने बिजनेस को अधिकतम करने के लिए। डिजिटल मार्केटिंग का ज्ञान होना बहुत जरूरी है। इसका सर्टिफ़िकेट आपकी स्किल्स के साथ तरक्की को भी बढ़ावा देगा। डिजिटल मार्केटिंग कोर्स फ्री और पेड (paid) दोनों प्रकार के उपलब्ध है। 

 यह जानकर हैरानी होगी की दिग्गज कंपनियों के द्वारा भी Digital Marketing Course दिया जा रहा है।

इनकी क़ीमत फ़्री से लेकर लाख रुपय तक हो सकती है।

Free digital marketing course with certificate 

  1. Google – Digital Marketing Courses 
  2. ClickMinded – Digital Marketing Course 
  3. SEMrush – Content Marketing Fundamentals Course 
  4. HubSpot – Online Marketing Courses
  5. Coursera – Search Engine Optimization (SEO) Specialization
  6. NorthWestern – Social Media Marketing Specialization
  7. Kellogg School of Management – Digital Marketing Strategies by 
  8. eMarketing Institute – Web Analytics Course
  9. eMarketing Institute – Content Marketing Course

Paid with certificate

  1. Skillshare – Intro to Ad Platforms: Google Search Engine Marketing (SEM/PPC)
  2. Lynda.com – Advanced Google Analytics
  3. Udemy –  Digital Marketing Course 
  4. Reliablesoft Academy 
  5. Intellipaat – Search Engine Marketing (SEM) Training
  6. Simplilearn – Digital Marketing Specialist 
  7. Udacity – Digital Marketing Course 
  8. ClickMinded – Digital Marketing Course 

Free and no certificate 

  1. Optinmonster – Digital Marketing Training 
  2. Copyblogger – Online Marketing Course 
  3. Moz – The Beginner’s Guide to SEO
  4. Shopify – Facebook Ads for Beginners: Retention and Loyalty
  5. Shopify – Ecommerce Email Marketing 101

Digital marketing agency

डिजिटल मार्केटिंग एजेन्सी आपकी डिजिटल मार्केटिंग का काम संभलती है। इनसे सर्विस लेने के बाद, Digital Marketing कम्पनी कांटेंट मार्केटिंग, SEO, मोबाइल मार्केटिंग, ऑनलाइन ऐड्ज़, इत्यादि हर प्रकार की मार्केटिंग करती है। डिजिटल मार्केटिंग कंपनी आपकी वेबसाइट पर ट्राफिक लाने के लिए अहम भूमिका निभाती हो। अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए इनकी सर्विस लेना बहुत फायदेमंद साबित होता है।

अनुभव, कौशलता और डिजिटल मार्केटिंग कोर्सेज करके। आप चाहे तो अपनी डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी खोल सकते हैं।

यहां पर कुछ विख्यात विश्वस्तरीय और भारतीय Digital Marketing एजेंसी दी है।

  1. Sorav Jain
  2. Ankit Malik
  3. Prasant Naidu
  4. Josh Fechter
  5. Bruno Estrella
  6. Neil patel

FAQ

इंटरनेट मार्केटिंग कैसे करते हैं?

इंटरनेट मार्केटिंग करने के लिए मार्केटिंग का विषय, दर्शक पहचानना, बजट तय करना, रणनीतियाँ बनाना, आकर्षक सामग्री तैयार करना, कीवर्ड रीसर्च
और विश्लेषण करना होता है। इंटर्नेट मार्केटिंग में सोशल मीडिया, मल्टायमीडीया, ऐड्ज़, अफ़िलीयट मार्केटिंग, ईमेल मार्केटिंग और मोबाइल मार्केटिंग के ज़रिए की जाती है।

डिजिटल मार्केटिंग से क्या तात्पर्य है?

डिजिटल मार्केटिंग ग्राहकों के लिए एक्सचेंजों को सुविधाजनक बनाने और अनुरोधों को पूरा करने की प्रक्रिया है।
इसमें नेटवर्क से जुड़े उत्पादों और सेवाओं की अवधारणा, वितरण, विज्ञापन और मूल्य निर्धारण को तैयार करने और निष्पादित करना होता है।

डिजिटल मार्केटिंग कोर्स कितने दिन का होता है

डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स समन्यता ऑनलाइन होता है। यह कोर्स पर निर्भर करता है की उसकी अवधि कितनी लम्बी होगी। डिजिटल मरकेतंग कोर्स की अवधि 10 घंटे से लेकर 60 घंटे में बीच में हो सकती है।

डिजिटल मार्केटिंग के उदाहरण क्या है ?

इंटर्नेट पर मिलने वाला हर रास्ता जो ग्राहक को विक्रेता के पास ले जाए। वह सब डिजिटल मार्केटिंग के उदाहरण हैं। जैसे फ़ेस्बुक पर ऐड्ज़ दिखना, वेब्सायट पर SEO, सर्च एंजिन पर ऐड्ज़ आना, यूटूब विडीओ स्पोंसर करना और ईमेल भेजना।

टैग्स:

“Digital Marketing Kya Hai ? What is digital marketing – 2021” पर 2 विचार

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.