यह अनुमान है,reselling business in india और दुनिया का 2025 के अंत तक लगभग 480 करोड़ रुपय का मार्केट प्राप्त कर लेगा। किसी भी व्यवसाय को शुरू करने के लिए एक क्रांतिकारी विचार लाना आवश्यक नहीं है। कभी-कभी व्यवसाय को दूसरों से अलग दिखने की आवश्यकता होती है।

किसी प्रोडक्ट को बेचने के लिए व्यावसायिक विचार को रीसेल करना, एक पारंपरिक तरीका है। लेकिन ऑनलाइन रिटेल मार्केटिंग या ई-कॉमर्स की दृष्टि से, यह व्यवसाय छोटे व्यवसायों के लिए वरदान साबित होगा।

बड़े ट्रैफिक वाले स्थानीय व्यापार के लिए रीसेलिंग एक गेम चेंजर बन सकता है। बिना किसी भेदभाव के इसे किसी भी आयु वर्ग द्वारा आसानी से स्थापित किया जा सकता है।

रीसेलर से आप क्या समझते हैं ? (What do you understand by reseller?)

एक reselling business में, एक reseller एक निर्माता से प्रोडक्ट खरीदता है, स्टोर करता है, पैकेज करता है और ग्राहक को बेचता है। यह एक निर्माता और एक ग्राहक के बीच एक मध्यस्थ के रूप में काम करता है। जिसमें reseller अधिक मात्रा में कमीशन उत्पन्न करता है।

रीसेलिंग व्यवसाय कैसे शुरू करें (How to start a reselling business)

How to start a reselling business

एक reselling business शुरू करने का मुख्य चरण है 

एक niche चुनें

हमारा मन हमेशा उसमें लगता है, जिसमें हम माहिर हों। niche का चुनाव की शुरुआत उससे करें जिसमें आपका ज्ञान अधिक और आप उसमें माहिर हो। सामान के बारे में दूसरों से अधिक ज्ञान। ग्राहक पर आपकी छवि विशेषज्ञता के रूप में दिखाएगा।

 निर्माता से संपर्क करें

रीसेलिंग ऐप जैसे meesho, glowroad और shop101 एक अच्छा प्लाट्फ़ोर्म बनाकर देते है। परंतु इसमें फ़ायदा काम है। इसलिए Paisa adda सुझाव देता है, की रीसेलिंग बिजनेस करने के लिए सीधे विक्रेता (manufacturer) से सम्पर्क करें। 

विक्रेता अच्छी सर्विस देने वाला होना चाहिए। जैस कैश ऑन डिलिव्री, आसान रिटर्न, इत्यादि। साथ ही विक्रेता का प्रोडक्ट भी अच्छा होना चाहिए।

मार्केट रीसर्च

रीसेलिंग में पूरी प्रकार से डिजिटल मार्केटिंग ही होनी है। इंटर्नेट पर niche के हिसाब से सोशल मीडिया चुनना पड़ता है। जैस यंग जेनरेशन के लिए इन्स्टग्रैम या snapchat, वही 25-60 उम्र वर्ग के लिए फ़ेस्बुक। 

आपका ग्राहक के बारे में जानना होगा, की ग्राहक को किस प्रकार का प्रोडक्ट पसंद आएगा, कहाँ पर ग्राहक का ट्रैफ़िक इक्खटा होगा, हाल ही में किस प्रकार के प्रोडक्ट ट्रेंड में है, इत्यादि।

वेबसाइट/ ऐप/Social media पर अकाउंट बनाएं

क्यूँकि यह बिजनेस ऑनलाइन रीटेलिंग की तरह है। इसलिए इसका सबसे बड़ा फ़ायदा ये है की इसमें वेब्सायट या एप बनाना ज़रूरी नहीं है । आप चाहे तो सोशल मीडिया अकाउंट के ज़रिए ग्राहक जुटा सकते है। सिर्फ़ whatsapp, फ़ेस्बुक, यूटूब, टेलेग्रैम और इन्स्टग्रैम की मदद से ही काफ़ी ग्राहक जुट जाएँगे। 

रीसेलिंग का बिजनेस बढ़ जाने के बाद वेब्सायट या एप लॉंच कर सकते है। 

 पैकेजिंग और डिलिवर

द्रोपशिप्पिंग में आपको सामान जमकर खुद दलिवेर करना होता है। यह प्रोफ़िट मार्जिन काम करता है साथ ही मेहनत और वक्त लेता है। अगर आपका विक्रेता अच्छी सर्विस देता है। तो इस बिजनेस में वह आपका टेम्प्लट लगाकर सामान डिलिवर कर देगा।

सामान डिलिवर करते टाइम पैकिजिंग का ध्यान रखे जैसे – 

  1. अपारदर्शी पॉलीथीन का उपयोग हो।
  2. समान सुरक्षा के लिए बबल रैप का इस्तेमाल 
  3. बिल भुगतान रसीद 
  4. QR कोड 
  5. गोपनीयता रखने ग्राहक से सहमति ले लेवे। 

Reselling business ideas 

 Reselling business ideas के अंदर आप अनेक प्रकार के व्यवसाय कर सकते हैं। दुनिया भर में ऐसे बहुत सारे उत्पाद है जो रोजाना रीसेल करे जा रहे हैं। बात तो चाहे ऑफलाइन या ऑनलाइन कि आप किसी भी प्रकार का सामान रीसेल कर सकते हैं।

नीचे दिए गए लिस्ट में से आप किसी भी एक प्रकार की कैटेगरी का सामान Reselling business ideas चुन सकते है – 

  1. महिलाओं के कपड़े
  2.  पुरुषों के कपड़े
  3. सौंदर्य प्रोडक्ट 
  4.  बच्चों के कपड़े
  5. घर की सजावट का सामान
  6.  इलेक्ट्रॉनिक्स
  7. आर्टिफिशियल आभूषण 
  8. मेल अक्केसोरीस 
  9. महिलाओं/लड़कियों के लिए बैग
  10. पुरुष बैग, पर्स, बेल्ट 
  11.  किचन सामान
  12. स्वास्थ्य से संबंधित प्रोडक्ट
  13. फुटवियर
  14. फिटनेस/ जिम का सामान

व्यवसाय को शुरू करने के लिए आवश्यकताएँ (requirements)

आज के वक्त में हर किसी के पास स्मार्ट फ़ोन है। बस जरूरत है इंटरनेट की, जो बहुत आसानी से उपलब्ध है। इसके अलवा नीचे दी गयी चीजों की ज़रूरत पड़ेगी।

Bank account

अगर आप किसी अन्य एप का इस्तेमाल करते हैं। जैसे मीशो, ग्लोरोड या अन्य। तो आपको उसमें अपने बैंक अकाउंट की जानकारी देनी पड़ेगी। इसमें यह प्लेटफार्म आपकी कमीशन राशि आपके खाते में जमा कर देंगे।

 अगर आप खुद से सारा बिजनेस संभालते हैं। इसके लिए भी ग्राहक से ऑनलाइन पेमेंट या कैश ऑन डिलीवरी की मांग पर। सीधे बैंक अकाउंट में पैसा जमा करवा सकते हैं।

Domain और website 

बिजनेस को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए। और सोशल मीडिया पर निर्भरता कम करने के लिए आप अपनी अपनी वेबसाइट बना कर सकते हैं। अपनी वेबसाइट के जरिए लोगों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। साथ ही अपने हिसाब से ग्राहको को प्रोडक्ट दिखा कर बेच सकते हैं।  वेबसाइट कैसे बनाते हैं इसकी जानकारी आपको यहां पर दे दी गई है।

shopify या oberlo का इस्तेमाल 

ड्रॉपशिपिंग या रीसेलिंग बिजनेस के लिए ओबर्लो शोपिफाई जैसे प्लेटफार्म का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है। यह प्लेटफार्म आपकी डिजिटल शॉप के लिए हर प्रकार की सुविधा दे देंगे। इनकी मासिक सर्विस के लिए कुछ चार्ज देना पड़ेगा जिसका मूल्य मात्र 2,000 रुपय से शुरु है। 

 बिजनेस के शुरुआत में  पैसा अड्डा इसका सुझाव नहीं करता है। जब आपका बिजनेस का टर्नओवर लाखों रुपए तक पहुंच जाए तब इनका इस्तेमाल करें। अगर आपके पास ज्यादा पैसा हो जाए लाख – दो लाख’ रुपए पैसा अड्डा में भी दान करें।

एप्स  

mobile-marketing

 डिजिटल मार्केटिंग करने के लिए कुछ एप्स की जरूरत पड़ेगी। जैसे लोगों तक अपने प्रोडक्ट के बारे में सूचना भेजना, पेमेंट, फोटो एडिटिंग, कैमरा, हिसाब रखना, इत्यादि जैसे एप्स की जरूरत पड़ेगी।

  1. फेसबुक पर प्रोडक्ट के बारे में बताने के लिए फेसबुक बिजनेस सूट का इस्तेमाल करें।
  2.  व्हाट्सएप पर सूचना भेजने व्हाट्सएप बिजनेस का इस्तेमाल करें।
  3.  फोटो एडिटिंग के लिए स्नैप्सीड (snapseed) का इस्तेमाल करें।
  4.  फोटो खींचने के लिए ओपन कैमरा या कैंडी कैमरा का इस्तेमाल करें 
  5. बिलिंगके लिए व्यापार एप को इंस्टॉल करें
  6.  खाताबुक ऐप उधारी और लेन देन का हिसाब रखने में मदद करेगा।

रेसेलिंग बिजनेस एप (Reselling business app)

पैसा अड्डा सीधे विक्रेता से संपर्क करने का सुझाव देता है। परंतु अगर आप किसी प्लेटफार्म का इस्तेमाल करते हैं तो उसके लिए नीचे दिए गए रीसेलिंग बिजनेस ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  1. Meesho
  2. Shop 101
  3. Glowroad
  4. Indiamart
  5. eBay
  6. Carousell
  7. Mercari
  8. CarWale
  9. Shopup Reseller
  10. Dukaan
  11. VarageSale
  12. Popsy
  13. Shopmatic
  14. Letgo
  15. 5miles
  16. Olx
  17. Quikr
  18. Amazon
  19. Facebook Marketplace
  20. Poshmark
  21. Vestiaire
  22. Offerup
  23. Shpock
  24. Decluttr
  25. MilMila

पैकिंग और डिलिव्री सप्लाइज़ 

 सामान डिलीवर करने के लिए ग्राहक को सामान की अच्छी पैकिंग कर के देनी होगी। इसके लिए कुछ सामान की जरूरत होगी जैसे कार्डबोर्ड बॉक्स, टेप, बबल रैप पॉलिथीन या थर्माकोल।

रेजिस्ट्रेशन 

इस बिजनेस को शुरु करने के लिए आपको किसी भी प्रकार के रजिस्ट्रेशन करवाने की जरूरत नहीं है।

अगर आपका व्यापार  20 लाख से ऊपर जाता है। तब आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा। अगर ऐसा नहीं कर पाते हैं तो पकड़े जाने पर भारी जुर्माना भरना पड़ेगा या जेल हो सकती है।

क़ानून के प्रति 

 अगर आप ऐसी जगह मैं रहते हैं जहां राज्य सरकार या केंद्र सरकार के कुछ नियम है। तो उनके लिए पूर्ण रूप से  पता कर ले। भारत में रीसेलिंग के लिए फिलहाल कोई नियम नहीं है। परंतु बिजनेस करने के लिए नियम बनाए गए हैं। उन्हें जान कर उनका पालन जरूर करें।

व्यवसाय रेजिस्ट्रेशन करें

बिजनेस रजिस्ट्रेशन करने के लिए आपको ट्रेड लाइसेंस लेना पड़ेगा। यह लाइसेंस निश्चित करता है कि आप अपने इलाके में व्यापार करने के लिए स्वतंत्र हैं।

लागत 

इस बिजनेस में शुरुआती लागत के नाम पर पैकिंग और डिलीवरी का खर्च शामिल है। 

शुरुआती महीने में 10 से 15 ऑर्डर का अनुमान लगाते हैं। और उसके हिसाब से लागत का मूल्य निर्धारित किया है। यह मूल्य ₹515 से लेकर ₹700 तक जा सकता है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप पैकिंग के लिए कितना खर्च करते हैं।

सामग्री मूल्य 
कार्ड्बोर्ड बॉक्स ₹30 प्रति पीस 
टेप ₹25 प्रति पीस 
बबल रैप ₹400 प्रति रोल 
थरमाकोल (नाज़ुक समान )₹15 प्रति पीस x 4 = ₹60
कुल लागत ₹515

हालांकि इसमें डिलीवरी चार्ज नहीं जोड़ा है। ऐसा इसलिए क्योंकि आमतौर पर विक्रेता ही डिलीवरी चार्ज का खर्चा उठाता है। परंतु अगर आपका विक्रेता ऐसा नहीं करता है. तो प्रति सामान के लिए वजन के हिसाब से ₹30 से ₹40 डिलीवरी चार्ज मान ले।

मुनाफ़ा 

रेसेलिंग बिजनेस के शुरुआत में मुनाफा का मार्जिन कम से कम रखें। प्रॉफिट काम आज इतना रखें जिसमें आपकी लागत बस निकल आए।

पैसा अड्डा सुझाव : बिजनेस की शुरुआत में ज्यादा से ज्यादा ग्राहक इकट्ठे करें, ना कि मुनाफे के बारे में सोचे।

इस बिजनेस में 5% से लेकर 100% तक हो सकता है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप उसमें कितना मार्जिन रखते हैं। 

 उदाहरण के लिए, अगर आप अपने ग्राहक को बैग बेचते हैं। जिसका विक्रेता द्वारा मूल्य ₹300 है। अब आप ग्राहक को कितना भी मूल्य बताकर बेच सकते हैं। ₹300 के बाद जितना भी मूल्य, आप ग्राहक को बताएंगे उतना ही आपका प्रॉफिट होगा।

मार्केट रीसर्च 

मार्केट्प्लेस ढूँड़े 

जहां बाजार लगता है उसे मार्केटप्लेस कहा जाता है। आप को सामान बेचने के लिए मार्केटप्लेस की जरूरत पड़ेगी। यह मार्केटप्लेस ऑनलाइन माध्यम से चलेगा। तो इस बाजार में आपको भी अपनी दुकान लगानी है।

बात अब यह है कि यह बाजार (मार्केटप्लेस) मिलेगा कहां?

बड़ी आसान सी बात यह मार्केटप्लेस आपको फेसबुक मार्केटप्लेस, ऐमेज़ॉन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील इत्यादि का इस्तेमाल कर सकते हैं।

अमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों में आपको कुछ राशि जमा भी करना पड़ता। इसलिए बिजनेस की शुरुआत में इसे सुझाव में नहीं रखते हैं।

पैसा अड्डा सुझाव :  शुरुआत में फ्री मार्केटप्लेस जैसे ओएलएक्स(OLX), क्वेकर(quikr)  और फेसबुक मार्केटप्लेस का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही टेलीग्राम या व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर भी लोगों को जोड़ सकते हैं।

इन्वंटॉरी 

इन्वेंटरी का मतलब ऐसी जगह जहां पर सामान इकट्ठा करके रखा जा सके।क्योंकि आप विक्रेता से लेकर सीधे ग्राहक सामान इसलिए रीसेलिंग में ऐसा कुछ नहीं करना पड़ता है ।

फ़ोटोज़ 

रेसेलीनग बिजनेस में आपको विक्रेता द्वारा फोटो पहले से मिलेगी। इसलिए आपको फोटो खींचने की जरूरत नहीं पड़ती है। परंतु यह निश्चित कर ले की प्रोडक्ट बिल्कुल फोटो में दिखने जैसा ही होना चाहिए।

लोगों को सबसे ज्यादा आपत्ति सही प्रोडक्ट न मिलने पर होती है। अगर विक्रेता फोटो कुछ और डालता है और प्रोडक्ट फोटो के जैसा नहीं निकलता है। तो इसकी वजह से आपके बिजनेस पर गलत छाप पड़ेगी।

कीवर्ड रीसर्च 

कीवर्ड रिसर्च एक जरूरी औजार है। इसके जरिए आपको यह पता चलता है की लोग इंटरनेट पर क्या सर्च करते हैं। वे जो भी चीज है वह सर्च करते हैं। आपको गूगल ट्रेंड और गूगल ऐडसेंस की मदद से फ्री में पता चल जाएगा।

इसी कीवर्ड का इस्तेमाल करके आप अपने प्रोडक्ट का टाइटल और लोगों की समस्या के बारे में पता लगा सकते हैं। इस जानकारी को हासिल करने के बाद इसे सामान बेचने में इस्तेमाल करें।

जोखिम 

बाहरी जोखिम: 

  1.  प्रतिद्वंदी के द्वारा – जो सामान आप बेच रहे हैं अगर वही समान आपका प्रतिद्वंदी कम मूल्य पर बेचता है। तो आप के ग्राहक उसकी तरफ चले जाएंगे।
  2.  विक्रेता के द्वारा –  अगर आपका विक्रेता अच्छी सर्विस नहीं देता है। तो आप ग्राहकों को भी अच्छी सर्विस नहीं दे पाएंगे। जिससे आपके ग्राहक कम होना चालू हो सकते।

 भीतरी जोखिम : 

  1.  प्रोडक्ट का मूल्य –  सामान पर प्रॉफिट मार्जिन कम से कम ही रखें। आपको ग्राहक बढ़ाने की जरूरत है। खुद ब खुद ही एक समय बाद आपका प्रॉफिट बढ़ जाएगा।
  2. समय बाध्यता –  सामान ऑर्डर करने के पश्चात अगर डिलीवरी लेट होती है। तो इस पर भी ग्राहक पर आपकी सर्विस पर गलत छाप पड़ेगी। इसलिए समय का खास ध्यान रखें।

Leave a Reply

Your email address will not be published.