Poultry farming का मतलब होता है। ऐसी गतिविधियां और बिजनेस जिसमें पक्षी पालन को बढ़ाने की प्रक्रिया शामिल हो। इसके अंदर पक्षियों से मिलने वाले अंडे और मांस का व्यवसाय करते हैं। statista की रिपोर्ट के अनुसार 2019 में पूरी दुनिया में 23.7 हजार करोड़ मुर्गियां थी। दुनिया भर में ऐसे काफी सारे देश हैं जो पूरी तरह से शाकाहारी भोजन उपलब्ध नहीं करवा पाते हैं। इसलिए इन देशों की आबादी को पशु से मिलने वाले उत्पाद पर निर्भर होना पड़ता है।

वर्तमान में, 80 हजार करोड़ का मुर्गी पालन दुनिया भर में मांसाहारी भोजन का 22% हिस्सा रखता है।  यह एक ऐसा व्यवसाय है जो सालाना 8% से 10% की रफ्तार से बढ़ रहा है। इसलिए poultry farming ka business शुरू करने के लिए लाभ हानि की सोच- विचारी करने की जरूरत नहीं है।

Poultry farming ka business क्यों शुरू करना चाहिए?

किसी भी बिजनेस कोई शुरू करने के लिए उसकी लाभ-हानि पर विचार जरूर किया जाता है।

सामान्यता, इस बिजनेस में भी लाभ हानि है। परंतु इसमें हानि के मुकाबले लाभ बहुत ही ज्यादा है। poultry farming ke faayde नीचे दिए गए हैं –

रोज़गार

मध्यम स्तर पर भी poultry farming mein rojgar के अवसर भी प्रदान करता है। जो आसपास की बेरोजगारी को कम करेगा। 100 पक्षी पालन के लिए भी दो से तीन मजदूरों की जरूरत पड़ती है। क्योंकि इसमें छोटे और आसान काम करने होते हैं। इसलिए उचित मूल्य पर मजदूर मिल जाते हैं।

निवेश 

छोटा स्तर या मध्यम स्तर पर शुरुआत करने पर इसमें निवेश का मूल्य कम ही होता है।poultry farming में बार-बार निवेश नहीं करना पड़ता। पक्षी पालन में एक पक्षी 6 से 12 अंडे एक बार में देता है। अंडे में से निकलने वाले बच्चे आगे जाकर पक्षियों की आबादी बढ़ाएंगे।

आय के निरंतर स्रोत 

Poultry farming एक ऐसा व्यवसाय है। जिसमें आय का निरंतर स्त्रोत बना रहता है। कोरोना के बाद से लोग अपनी सेहत पर काफी ध्यान देने लगे हैं। जिसके लिए हाई प्रोटीन के लिए वह अंडे और मांसाहारी भोजन लेना पसंद करते हैं।

लोन 

Poultry farming को मध्यम स्तर या बड़े स्तर पर खोलना चाहते हैं। तो इसमें सरकार और कुछ बैंक की तरफ से 0% पर लोन की व्यवस्था भी होती है।

पानी की व्यवस्था 

पक्षियों को कम पानी की जरूरत होती है। एक अनुमान के हिसाब से 5 पक्षियों के लिए 1 लीटर पानी की व्यवस्था होनी चाहिए।

पोषण वाले उत्पाद 

हरी सब्जियां हो या मेवे किसी में भी अंडे और मांस के मुकाबले प्रोटीन और विटामिंस नहीं होते है। इसलिए फिटनेस पर ध्यान देने वाले लोगों का, इन पर ज्यादा ध्यान होता है।

पैसा अड्डा सुझाव : अपने बिज़्नेस को ऑनलाइन गूगल मैप पर ज़रूर डाले। जिससे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को आपके व्यवसाय के बारे में पता चले।

poultry business में कोई लाभ-हानि नहीं

 कोरोना वायरस पर ही इस व्यवसाय में थोड़ी रोक लगी हुई थी। बाक़ी poultry farming business में खुद की वजह से ही हानि होती है। 

3 प्रकार के उत्पाद 

poultry farming में पक्षियों तीन प्रकार के उत्पाद देते हैं। जिसका पूर्णता जीरो वेस्ट के तहत किया जा सकता है। पहला अंडे, दूसरा मांस और तीसरा पक्षियों का वेस्ट। मिलने वाले वेस्ट में नाइट्रोजन होता है। जो खाद बनाने ओर बेचने के लिए इस्तेमाल होगा। 

आसानी से लाइसेन्स प्राप्त

इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए आसानी से लाइसेंस प्राप्त हो जाता है।

poutry farm के लिए क्या करना पड़ता है?

पैसा अड्डा सुझाव : आप मुर्गी पालन को शुरू करने से पहले इसका प्रशिक्षण प्राप्त कर लें।

भारत सरकार का संस्थान के अंतर्गत सेंट्रल पोल्ट्री डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन में, इस प्रशिक्षण में आपको ट्रेनिंग के साथ poultry farming में स्कोप, अन्य तरीके और नई तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। ब्रायलर मुर्गी या लेयर मुर्गी हर प्रकार का मुर्गी पालन की संपूर्ण जानकारी  इस प्रशिक्षण में दी जाएगी।

इसका शुल्क मात्र ₹700 का है और अनुसूचित जनजातियों के लिए ₹400 है। इसका लाभ जरूर लें भविष्य में आने वाली हर रुकावट का सामना एवं समाधान भी इसमें बताया जाएगा। यहां पर से उस प्रशिक्षण के लिए आवेदन करें।

मार्केट रीसर्च (market research)

इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए मार्केट रिसर्च करना जरूरी है। मार्केट रिसर्च से आपको यह पता चलता है की आने वाले समय में इस उद्योग में कितना स्कोर है, क्या चुनौतियां आएंगी, किस प्रकार के लोगों को टारगेट करना और बाजार में किस प्रकार के poultry farming का झुकाव है।

पैसा अड्डा सुझाव : मार्केट रिसर्च करने के लिए statista वेब्सायट का प्रयोग करें।

उद्योग के बारे में जाने 

यह जानना बेहद ज़रूरी है poultry farming में आने वाले और अभी के समय में कितना इज़ाफ़ा होगा। आप अपने उद्योग को कितना बढ़ा सकते हैं। इसके साथ ही मुनाफा और घाटे के बारे में भी कुछ जानना जरूरी है। 

इस ब्लॉग में आपको हर प्रकार की जानकारी दे दी गई है। मगर फिर भी आप खुद से भी मार्केट रिसर्च जरूर करें। 

poultry industry में चुनौतियां

इतिहास के समय में पोल्ट्री उद्योग ने कितनी चुनौतियों का सामना किया है। आने वाले समय में कितना करेगी। यह जानना भी यह जरूरी है। बर्ड फ्लू जैसी चुनौतियां ने इस पूरे उद्योग को हिला कर रख दिया था।

बाजार की रणनीति

अपने बिजनेस को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए। आपको अपनी रणनीति की तैयारी करनी पड़ेगी। मुर्गी पालन में अपने प्रतिद्वंदी की रणनीति और खुद की बनाई रणनीतियों का इस्तेमाल करके आप सफल बन सकते। 

बाजार के रुझान

मौजूदा हालात में बाजार में किस प्रकार की पक्षी की डिमांड है। उसे लेकर भी अपने बिजनेस का विस्तार करना पड़ेगा। यह हर महीने या सालों में बदल सकता है। इसलिए बाज़ार पर अपनी नजर बनाए रखें।

poultry farm शुरू करने की आवश्यकताएं

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ज़रूरतें

जिस प्रकार हम अपने घर पर रहते हैं और अपने लिए जरूरत की सेवा का प्रबंध करते हैं। ठीक उसी प्रकार पक्षी पालन या मुर्गी पालन के लिए भी जरूरी  सेवाओं का प्रबंध करना पड़ेगा। जैसे उनके लिए घर, पिंजड़ा, अतिरिक्त सामान।

जगह 

मुर्गी पालन के लिए जगह का चुनाव पहला और बहुत महत्वपूर्ण कदम है। आपको ऐसी जगह का चुनाव करना है जिसमें यह 3 मुख्य बातें शामिल रहे।

  • शहर से पास में रहे
  • गांव वाले इलाके में रहे 
  • मुर्गियों का आवास गृह रहे वह रोड के पास में रहे 

हाउज़िंग सिस्टम 

poultry farming housing system में पक्षियों की देखरेख, प्रतिकूल जलवायु परिवर्तन, खाना खिलाने का सिस्टम और रोग नियंत्रण के उपाय का पूरा ध्यान रखा जाता है। इसके अंदर नीचे दिए गए poultry housing system के अलावा दूसरे भी आते है। 

  1. Deep litter
  2. Slatted or wired housing systems 
  3. Half litter
  4. Semi-fold

मुर्गी पालन के पिंजड़े 

मुर्गी पालन में अनेक प्रकार की मुर्गियां या पक्षी होंगे। poultry farming में पक्षियों के बच्चे, लेयर मुर्गी या, ब्रायलर एवं अन्य प्रकार के लिए अलग-अलग पिंजड़े आएंगे।

  1. लेअर चिकन पिंजड़े या बैटरी पिंजड़े
  2. ब्रोईलर पिंजड़े
  3. कैलिफ़ॉर्न्या ब्रीडर के पिंजड़े   
  4. बेबी चिकन पिंजड़े

 पक्षी ख़रीदे 

जिस भी पक्षी के माध्यम से आप अपना  पोल्ट्री बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। अपनी क्षेत्रीय डिमांड के अनुसार पक्षी का चुनाव करें। आप मुर्गी, टर्की, बत्तख, बटेर, या कैलिफ़ॉर्नीयन ब्रीडर का चुनाव कर सकते है। 

अन्य सहायक समान 

पक्षियों को रखने के लिए जगह और पिछड़ों के साथ साथ। खाना और पानी रखने के बर्तन, बिजली सिस्टम, अन्य समान की ज़ारूरत पड़ेगी। 

  1. पानी और खाना रखने बर्तन 
  2. अंडो की ट्रे 
  3. एग इंक्युबेटर 

अगर आपके पास आय का स्त्रोत पहले से है । तब आप ऑटमैटिक सिस्टम को इंस्टॉल कर सकते है। इससे मेहनत काम लगेगी ओर काफ़ी सारा काम अपने आप होगा।

  1. cooling system
  2. automatic manure removal machine
  3. automatic feeding system
  4. automatic egg collector

यह भी पैसे बनाने वाले बिज़नेस है :

  1. अगरबत्ती बनाने का बिज़्नेस। सालाना 15,000 करोड़ का कारोबार
  2. रीसेलिंग से ऑनलाइन पैसा कमाए। जितना चाहो उतना कमीशन।
  3. टिफ़िन सर्विस के बारे में पूरी जानकारी

रेजिस्ट्रेशन और लाइसेन्स

आपको पोल्ट्री फार्म खोलना हो या फिर कोई दूसरा बिजनेस। बिजनेस का रेजिस्ट्रेशन और अन्य लाइसेन्स लेना बहुत आवश्यक है। अगर ऐसा नहीं करते है तो सरकारी अफ़सर की तरफ़ से भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।

व्यापार लाइसेंस (Trade license)

किसी भी प्रकार का व्यवसाये करने के लिए ट्रेड लाइसेन्स लेना अति आवश्यक है। यह लाइसेन्स व्यापार करने की मान्यता देता है। इसे आसानी से ज़िला नगर पालिका से लिया जा सकता है। 

उद्योग पंजीकरण (industry registration)

जैसा कि आप एक नया व्यवसाय शुरू करने जा रहे हैं इसलिए आपका उद्योग पंजीकरण होना आवश्यक है। उद्योग रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद सरकार द्वारा सब्सिडी प्राप्त की जा सकती है।

NOC (नोन अब्जेक्शन सर्टिफ़िकेट)

अपने व्यवसाय को अच्छे से स्थापित करने के लिए नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट चाहिए पड़ेगा। यह प्रमाण देता है कि पोल्ट्री फॉर्म का बिजनेस शुरू करने के लिए किसी को भी किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है। सरकार के 2 संस्थानों से यह एनओसी प्राप्त कर लें।

  • शहर के पॉल्यूशन बोर्ड
  • शहर की लोकल गवर्नमेंट 

रणनीति (Strategy)

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एक अच्छी रणनीति प्रतिद्वंदीयों से आगे निकलने और अपने बिजनेस को बढ़ाने  के लिए अति आवश्यक है। रणनीति के अंदर किस प्रकार के बिंदुओं को खासतौर पर ध्यान देना है। यह यहाँ दिया हुआ है।

पैसा अड्डा सुझाव : अपने उत्पादों को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाने के लिए डिजिटल मार्केटिंग उपयोग ज़रूर करें।

इसमें से कुछ रणनीतियों की आपको तब ज़रूरत पड़ेगी जब आप अपना पोल्ट्री का बिज़्नेस को बड़े पैमाने पर ले जाएँगे। 

  1. मार्केटिंग करने की रणनीति
  2. उत्पाद की क़ीमत  
  3. विज्ञापन करने की रणनीति
  4. बेचने की रणनीति

लागत 

पोल्ट्री फॉर्म को शुरू करने के लिए आपको दो तरह की लागत लगानी पड़ेगी। पहली बार में एक बार का निवेश और फिर हर एक नए मुर्गी के समूह के लिए लागत।

शुरुआत में 100 मुर्गियों के लिए लागत का हिसाब लगाएँगे। 

 एक बार का निवेश 

ज़मीन  

 एक पक्षी के लिए 1.5 sq ft की जगह चाहिए पड़ती है। तो 100 मुर्गियों के लिए 1.5 x 100 = 150 sq ft जगह लगेगी। यह जगह सिर्फ मुर्गियों के लिए होगी परंतु इसके अंदर हमें आने जाने का रास्ता और सामान रखने की जगह एवं अन्य को भी मिला ना होगा। जो करीब 250 स्क्वायर फीट तक पहुंच जाएगा। 

गांव के क्षेत्र में 250 sq ft की जगह की कीमत ज्यादा से ज्यादा ₹500000 लगेगी।

हाउज़िंग सिस्टम 

यह आप पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार का हाउसिंग सिस्टम बनवाना चाहते हैं। जैसे डीप लिटर स्लेटेड, हाफ़ लिटर या सेमी फ़ोल्ड। इन सभी में कुछ चीजें सामान्य रहने वाली है जैसे सिमेंट की दीवालें, स्लोप और शेड। 

इन सब की कीमत 1.5 लाख रुपए तक जाएगी। 

लाइट फ़िटिंग 

अच्छा वेंटीलेशन और लाइटिंग सिस्टम के लिए थोड़ा बहुत खर्च लगेगा। जिसके अंदर एग्जॉस्ट फैन, बल्ब, मशीनों के लिए स्विच, इत्यादि चीजें आएंगी। इसकी कीमत ₹8000 से ₹10000 के बीच में हो जाएगा

नल का कनेक्शन

गांव में अगर आस पास नहर होती है। तो इसमें सिर्फ मोटर बिजली का खर्च लगेगा। अन्यथा पड़ोसी को खर्च देकर पानी का इंतजाम करना होगा। 

पानी का इंतजाम होने के बाद आपको पाइप फिटिंग की लागत लगेगी। जिसमें 5000 से ₹7000 तक का खर्च होगा

बाद में चाहे तो आप खुद का सबमर्सिबल पंप लगवा सकते हैं। जिसकी कीमत करीब ₹75000 से ₹500000 तक जाती है।

आइटम लागत का मूल्य 
ज़मीन 5,00,000
मज़दूरी 16,000
हाउज़िंग सिस्टम 1,50,000
लाइट फ़िटिंग 8,000
नल कनेक्शन 7,000
कुल लागत₹6,81,000

हर एक नए मुर्गी के समूह के लिए 

चूजा की क़ीमत 

यहां पर हर प्रकार के चूज़ों की कीमत दे दी गई है आप चाहे तो इन्हें लोकल दुकानों से मंगवा ले या फिर ऑनलाइन आर्डर करके। नाम पर क्लिक करके ऑनलाइन डीलर के पास पहुँच जाएँगे। 

चूज़ों का प्रकार क़ीमत पर पीस 
बबकोब वाइट ब्रोईलेर चिक ₹ 30
कड़कनाथ ₹ 50
असिल क्रॉस चिक्स₹ 20
ब्राउन लेअर चूजे₹ 53
वनराज चिक्स₹ 30

खाना (chicken feed) 

मुर्गी पालन में अलग अलग मुर्गियों के अलग खाना सुझाव किया जाता है। यह चिकन फ़ीड आप चाहे तो और ओर्गानिक माध्यम से घर पर बना सकते हैं। अगर आपसे बाजार से खरीदते हैं तो इसका मूल्य ₹1000 प्रति बैग से शुरू होता है। एक बाद में 50 कि.ग्रा. का अनाज रहेगा ।

यहाँ से अनाज ख़रीद सकते है। 

दवाइयाँ और ऐंटीबायटिक 

सेहत का ध्यान रखते हुए  मुर्गी पालन में दवाइयों और एंटीबायोटिक देने का खास ध्यान रखा जाता है। दवाइयां जैसे Neoxywin Neomycin, Oxytetracycline, Levofloxacin Powder Licin, मल्टीविटामिन, इत्यादि दवाइयों का प्रयोग किया जाता है। जिससे पक्षियों को निरोग और स्वस्थ रखा जाए।

इन दवाइयों का खर्च प्रति 100 मुर्गियों लिए ₹ 1500 तक का आएगा।

बिजली बिल

पानी की मोटर, पंख, लाइट,इत्यादि में इस्तेमाल होने  वाली बिजली का भार भी उठाना होगा। इसलिए इसे भी हर बैच के साथ रखा गया है। 

कोशिश करें कि कम से कम बिजली में आपका काम हो जाए। जिससे सरकार से मिलने वाली सब्सिडी लुफ्त उठा पाएंगे। अगर आपको सब्सिडी नहीं मिलती है तो ₹ 2000 बिजली का बिल आ सकता है।

मज़दूरी

आपको कितने लेबर रखने हैं यह निर्भर करता है कि फॉर्म कितना बड़ा है। सबसे जरूरी एक सुपरवाइजर जरूरत है जो पूरे फॉर्म की देखरेख और छोटे-मोटे काम कर लेगा। क्योंकि गांव में रोजगार कम होता है इसलिए क्योंकि poultry farming में ज्यादा कौशलता नहीं चाहिए पड़ती है। इसलिए कम मूल्य में मजदूरों को रख सकते हैं।

शीर्षकनिवेश 
चूजा की क़ीमत ₹ 40 X 100 = ₹ 4,000
खाना (chicken feed) ₹1000
दवाइयाँ और ऐंटीबायटिक₹ 1500 
बिजली बिल₹ 2000
मज़दूरी2 x 8,000 = ₹ 16,000 
कुल लागत ₹ 24,500

मुनाफ़ा (profit)

ब्रोईलेर चिकन पर 

इसका इस्तेमाल मांस के लिए किया जाता है। इसके अलवा यह मुर्गी सालाना 200 अंडे भी देती है। 

बाज़ार में ₹150 प्रति Kg के हिसाब से एक पूर्ण विकसित पक्षी ₹ 250-300 में बिकता है। ब्रोईलेर चिकन का औसत वजन 1.8-2 किग्रा का होता है। 

लेअर चिकन पर

लेअर चिकन का इस्तेमाल अंडे के लिए किया जाता है। इस प्रजाति की मुर्गियाँ लगभग 200-250 अंडे सालाना देती है। 

नर लेअर मुर्ग़ा का इस्तेमाल मांस के लिए भी किया जाता है। जो औसत 1.8 kg वजन और मार्केट रटे पर ₹ 250 में बिकेगा। 

अब अगर 1 बैच का हिसाब लगाया जाए तो

100 मुर्गियों से 200 अंडे सालाना और एक अंडे की क़ीमत 5 रुपय। तो 100 x 200 x 5 = 1,00,000 सिर्फ़ अंडो से कमाई होगी। 

100 मुर्गियों का मांस जोड़ा जाए। तो 100 x 300 = ₹ 30,000 की कमाई सिर्फ़ मांस से होगी।

एक बैच की लागत ₹ 24,500 इसे कमाई से घटाने पर 1,00,000 + 30,000 – 24,500 = ₹ 1,05,000 का मुनाफ़ा होगा । 

जोखिम (risk)

कोरोना के बाद से हम यह जान चुके हैं की हर व्यवसाय में अटकलें या जोखिम होता है। 

जोखिमों के लिए हमें पहले से ही तैयारी करके रखनी पड़ेगी। बात हो महामारी की या महंगाई की हर प्रकार के जोखिम के लिए तैयार रहना पड़ेगा।

यहां पर poultry farming ke business में आने वाली जोखिमों की लिस्ट दे दी गई है। 

  1.  सरकारी सहायता न होना – अगर आपको सरकार द्वारा का फायदा नहीं मिलता है।  तो आपका खर्च बढ़ सकता है।  जैसे टैक्स छूट, सब्सिडी, इक्विपमेंट व अक्केसोरीस पर छूट, इत्यादि। खर्च बढ़ने के बाद आपका व्यवसाय मैं मुनाफा कम हो जाएगा जिससे आपको नुकसान होगा।
  2. बीमारी फैलना – पक्षी बीमारी से लड़ने में नाज़ुक होते है। इनके लिए साफ सफाई का ध्यान, रोग निवारक और वेंटिलेशन सिस्टम का पूरा ध्यान रखना पड़ेगा। बीमार पड़ने और मृत्यु हो जाने पर मुर्गियों की कमी होगी जिससे व्यवसाय को नुकसान होगा।
  3. महंगाई बढ़ना – समय के साथ महंगाई दर भी बढ़ेगी। इसलिए इसका ध्यान रखते हुए सेविंग और म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करें। जिससे महंगाई बढ़ने पर आमदनी में कमी नहीं आएगी।

मुर्गी पालन लोन और गवर्न्मेंट सब्सिडी

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Loan

मुर्गी पालन लोन के लिए भारत सरकार द्वारा ऐसी काफी सारी फैसिलिटी दी जा रही है। जिसके माध्यम से आप poultry farming को कई गुना तक बढ़ा सकते हैं। इन स्कीमों के तहत बहुत ही कम ब्याज दर या 0% पर आपको लोन या सब्सिडी का फायदा मिलेगा।

  1. Mudra 

भारत सरकार द्वारा चलाई गई मुहिम के अंतर्गत मुद्रा मैं आप poultry farm लोन के लिए 50000 से लेकर 10 लाख तक का लोन ले सकते हैं। इसकी जानकारी आप को बैंक के माध्यम से मिल जाएगी।

  1. NABARD

पोल्ट्री फार्म लोन के लिए भारत सरकार के इस संस्थान द्वारा Poultry Venture Capital Fund (PVCF)  दिया जाता है। इसके संबंध बैंक से होते हैं जिसके जरिए आपको ₹100000 से 1000000 रुपए तक का लोन मिल सकता है। 

इसके अंदर कुछ नियम और शर्ते हैं जिन्हें आप लोन लेने से पहले जान लें। इसकी जानकारी आपको बैंक ब्रांच से मिल जाएगी।

  1. प्राइवेट बैंक लोन 

अगर आप प्राइवेट बैंक से मुर्गी पालन का लोन लेते हैं। तो आपको 10.5  प्रतिशत ब्याज दर के हिसाब से पैसा वापस चुकाना पड़ेगा। कृषि सावधि ऋण अंतर्गत आपको लोन दिया जाएगा। 

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 FAQ 

  1. पोल्ट्री फार्म में कितना फायदा है?

    पोल्ट्री फ़ार्मिंग में 3 गुना तक फ़ायदा होता है। यह फ़ायदा अंडे और मांस की बिक्री से होता है। सालाना 100 मुर्गियों से 200 अंडे देने, और एक अंडे का मूल्य ₹ 5 पर ₹ 100000 रुपय की आमदनी होती है। इसके बाद मांस से भी ₹ 30000 तक का मुनाफ़ा होगा। प्रति 100 मुर्गियों पर ₹ 25000 तक का खर्च होगा।

  2. पोल्ट्री फार्म के लिए क्या करना पड़ता है?

    पोल्ट्री फ़ार्मिंग में पक्षी पालन की खेती करके उसे व्यवसाये बनाकर पैसा कमाना होता है। इसके अंदर मुर्गी पालन, बदख पालन, बड़की इत्यादि का पालन करते है। इनसे मिलते वाले उत्पाद जैसे अंडे और मांस से बिज़्नेस करते है।

  3. मुर्गी फार्म में कितना पैसा लगता है?

    मुर्गी फार्म में प्रति 100 मुर्गियों पर ₹ 25000 लगता है। एक बार में ₹ 6-7 लाख तक का निवेश में पैसा लगता है । उसके बाद हर बैच में पैसा लगाना पड़ेगा।

  4. सबसे ज्यादा अंडे देने वाली मुर्गी कौन सी है?

    सबसे ज़्यादा अंडे देने वाली मुर्गी का नाम वाइट लेग्हॉर्न है। यह मुर्गी साल भर में 326 अंडे तक दे सकती है।

  5. लेयर मुर्गी कितने अंडे देती है?

    लेयर मुर्गी 200-250 अंडे देती है। अच्छा खान – पान और सेहत पर ध्यान देते हुए इससे ज़्यादा भी दे सकती है।

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